भिटौरा ग्राम पंचायत फतेहपुर जिला से लगभग २१ किलोमीटर की दूरी पर बसा है यह ग्राम पंचायत गंगा के किनारे बनी है इस पंचयत से १ किलोमीटर दूर गंगा जी है और वहाँ पर दूर-दूर गाँव के लोग नहाने के लिए आते है भिटौरा ग्राम का अपना बहुत पुराना इतिहास है पर इस विषय पर किसी को कोई सही जानकारी नही है की इस पंचायत का नाम भिटौरा ग्राम कैसे पड़ा, कुछ लोगो का कहना है की बहुत समय पहले एक ऋषि यहाँ पर रहते थे और उन्ही ऋषि के नाम पर इस पंचायत का नाम भिटौरा पड़ा| गंगा जी पास में होने के कारण यहाँ खेती अच्छी होती है और लोगो के पास छोटा-मोटा व्यापार भी है यहाँ पर आने-जाने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध है|
भिटौरा:- भिटौरा ग्राम में ही प्रधान जी का घर है इस ग्राम का नाम भ्रग ऋषि के नाम पर पड़ा कहा जाता है की भ्रग ऋषि ने यहाँ पर रह कर कई वर्षों तक तपस्या की थी इसलिए इस गाँव का नाम भिटौरा गाँव पड़ा यह गाँव बड़ा है इस गाँव में सरकारी स्कूल के साथ साथ प्राइवेट स्कूल भी बने हुए है यह गंगा जी के किनरे पर बसा हुआ है इस गाँव में मार्केट भी है जिससे आसपास के गाँव की ज़रूरते पूरी होती है | यहाँ का रहन-सहन भी सभी गाँव जैसा ही है गाँव में तीन तालाब है और यहाँ पर कच्चे-पक्के मकान भी है कुछ के मकान झोपड़ी के भी है जो लोग काफ़ी ग़रीब है|
तारापुर:- तारापुर गाँव भिटौरा गाँव से 1 कि0 मी0 की दूरी पर स्थित है और यहाँ के लोग भी साधारण तौर-तरीके से रहते है एवं अपनी दिनचर्या के अनुसार कार्य करते है इस गाँव में पर्याप्त खेती है जिस में गाँव के लोग खेती करते है और अपना भारण पोषण करते है गाँव के कुछ लोग बाहर जा कर नौकरी भी करते है|
भोलापुर:- यह भी भिटौरा गाँव से 1.5 कि० मी० की दूरी पर बसा हुआ एक छोटा सा गाँव है और यहाँ के लोग भी साधारण तौर-तरीके से रहते है एवं अपनी दिनचर्या के अनुसार कार्य करते है इस गाँव में पर्याप्त खेती है जिस में गाँव के लोग खेती करते है और अपना भारण पोषण करते है गाँव के कुछ लोग बाहर जा कर नौकरी भी करते है|
बीसापुर:- यह गाँव भिटौरा ग्राम से १.५ किलो मीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ के लोग भी साधारण तौर-तरीके से रहते है एवं अपनी दिनचर्या के अनुसार कार्य करते है इस गाँव में पर्याप्त खेती है जिस में गाँव के लोग खेती करते है और अपना भारण पोषण करते है गाँव के कुछ लोग बाहर जा कर नौकरी भी करते है|
तरकदेमऊ:- यह गाँव भिटौरा ग्राम से 2 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ के लोग भी साधारण तौर-तरीके से रहते है एवं अपनी दिनचर्या के अनुसार कार्य करते है इस गाँव में पर्याप्त खेती है जिस में गाँव के लोग खेती करते है और अपना भारण पोषण करते है गाँव के कुछ लोग बाहर जा कर नौकरी भी करते है|
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